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रात में ही कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होती है सà¥à¤•िन में खà¥à¤œà¤²à¥€, जानें इसके पीछे का कारण
रात में होने वाली खà¥à¤œà¤²à¥€ शरीर पर डाल सकती है पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
Reason Of Skin Itch At Night- अकà¥â€à¤¸à¤° रात के समय हाथ, पैरों व शरीर में खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ परेशानी का कारण बन जाती है. इससे नींद तो खराब होती ही है साथ ही खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से सà¥à¤•िन पर सà¥â€à¤•à¥à¤°à¥ˆà¤š à¤à¥€ पड़ जाते हैं. खà¥à¤œà¤²à¥€ की फीलिंग रात के मधà¥â€à¤¯ में या गहरी नींद के समय आती है. रात में होने वाली खà¥à¤œà¤²à¥€ को नोकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² पà¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¸ के नाम से जाना जाता है. ये समसà¥â€à¤¯à¤¾ होने पर सà¥à¤•िन को खà¥à¤œà¤²à¥€ और खरोंचने की तीवà¥à¤° इचà¥â€à¤›à¤¾ होती है. रात में खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली सà¥à¤•िन शरीर के तापमान में परिवरà¥à¤¤à¤¨, डà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤¨à¥‡à¤¸ और किसी अनà¥â€à¤¯ कारणों के रूप में हो सकती है. ये समसà¥â€à¤¯à¤¾ 60 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के लोगों को हो सकती है, हालांकि इसका शिकार यà¥à¤µà¤¾ à¤à¥€ हो सकते हैं. आखिर शरीर में खà¥à¤œà¤²à¥€ होती कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ हैं चलिठजानते हैं इसके बारे में.
खà¥à¤œà¤²à¥€ कैसे डालती है शरीर पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
रात में खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ आम है और इसके कई संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण हो सकते हैं. कà¥â€à¤²à¥€à¤µà¤²à¥ˆà¤‚ड कà¥â€à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में किसी को à¤à¥€ हो सकती है लेकिन 60 वरà¥à¤· से अधिक लोगों को ये अधिक परेशान कर सकती है. रात के समय खà¥à¤œà¤²à¥€ होने पर वà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इससे जलà¥â€à¤¦à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाना चाहता है जिस वजह से तेजी से सà¥à¤•िन को सà¥â€à¤•à¥à¤°à¥ˆà¤š कर सकता है. तेज सà¥â€à¤•à¥à¤°à¥ˆà¤š करने के कारण सà¥à¤•िन में रैशेज और सà¥â€à¤•à¥à¤°à¥‡à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकती है. इसके अलावा नींद पूरी न होने के कारण फिजिकल परफॉरà¥à¤®à¥‡à¤‚स और मेंटल सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¿à¤¨à¤¾ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है. अधिक खà¥à¤œà¤¾à¤¨à¥‡ से सà¥à¤•िन में इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो सकता है.Â
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाते वकà¥à¤¤ अगर नसों में चला जाठहवा का à¤à¤• बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¤¾ तो कà¥à¤¯à¤¾ होगा? इंसान के लिठहो सकता है घातक
रात में खà¥à¤œà¤²à¥€ के लकà¥à¤·à¤£
– रैशेज
– दिन के समय चकà¥â€à¤•र आना
– सà¥à¤•िन पर पैच या डà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤¨à¥‡à¤¸
– सà¥à¤•िन के रंग में बदलाव
– सà¥à¤•िन में बà¥â€à¤²à¤¡ दिखाई देना
– दरà¥à¤¦ और जलन
– फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥â€à¤¸ का निकलना
रात में खà¥à¤œà¤²à¥€ के कारण
– ऑटोइमà¥â€à¤¯à¥‚न रिसà¥â€à¤ªà¥‰à¤¨à¥â€à¤¸- शरीर की इमà¥â€à¤¯à¥‚न सेलà¥â€à¤¸ हेलà¥â€à¤¦à¥€ सेलà¥â€à¤¸ पर अटैक कर सकती हैं. जिससे सूजन और खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है.
– शरीर का तापमान– यदि शरीर का तापमान रात में अधिक होता है तो सà¥à¤•िन में खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है.
– डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ सà¥â€à¤•िन- अकà¥â€à¤¸à¤° शरीर रात के समय नमी खो देता है जिससे सà¥à¤•िन में खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है.
– हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨â€“ रात में, शरीर उतने हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं करना जितना दिन के दौरान करता है. हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कम होने की वजह से शरीर में सूजन और खà¥à¤œà¤²à¥€ बढ़ जाती है.
रात में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना सामानà¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾ है. खासकर ये समसà¥â€à¤¯à¤¾ सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में बढ़ सकती है. सà¥à¤•िन पर यदि दरà¥à¤¦ और जलन अधिक है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना जरूरी है.Â
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